बेतरफा लोग
कौम से प्यार
पर कौमी नहीं हम
राम की खोई मूंछें
लतीफे भर,
बाबरी दाढ़ी के वास्ते से
नहीं कोई वास्ता हमारा,
हमारी ईदी फेहरिस्त में
मुन्नी-मुन्ने का हक
दीपावली की मिठाइयों पर
उमर-उमराव का ज़ोर
उनसे कह दो
'हमारे' लिए
हमी से लड़ने वालों से.
हम हैं बेतरफा लोग
चाहते नहीं
राम की मस्जिद
या अल्लाह का मंदिर
बना दो वहां
बच्चों का इक इस्कूल
कि
मोहम्मद ओ' मोहन के बच्चे
साथ बैठ सीख पायें
इंसानियत की रोटी का सच.
साभार :- चिन्मय झा